ज़ोमैटो नहीं देगा आज नॉन-वेज! जानिए क्यों मचा है ये हंगामा? Zomato suspends Non veg delivery

Zomato suspends Non veg delivery: आज सुबह उठकर जब लोगों ने ऑनलाइन खाना मंगाने के लिए ज़ोमैटो खोला, तो उन्हें कुछ अलग ही नज़ारा दिखा. वेज ऑप्शन तो भरपूर मौजूद थे, लेकिन नॉन-वेज? गायब! पूरे उत्तर भारत में ज़ोमैटो ने अचानक नॉन-वेज फूड की डिलीवरी रोक दी, जिससे हर तरफ हंगामा मच गया. आखिर हुआ क्या है, ये समझने के लिए आइए इस कहानी के पीछे झांकते हैं:

1. मंदिर के उद्घाटन का आदेश Zomato suspends Non veg delivery:

22 जनवरी को अयोध्या में राम मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा समारोह था. ये एक बहुत बड़ा धार्मिक और सांस्कृतिक अवसर था, जिसके लिए देशभर में जश्न का माहौल था. उत्तर प्रदेश सरकार ने इस दौरान पूरे राज्य में कुछ नियम बनाए, जिनमें से एक था “मांस रहित भोजन”. इसका मतलब था कि राज्य में 22 जनवरी को मांस बिक्री और मांसाहारी भोजन पर कुछ पाबंदी लगेगी.

2. ज़ोमैटो ने माना आदेश: Zomato suspends Non veg delivery

Zomato suspends Non veg delivery: उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश का पालन करते हुए ज़ोमैटो ने पूरे उत्तर भारत में (उत्तर प्रदेश, असम, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान) 22 जनवरी को नॉन-वेज फूड की डिलीवरी रोकने का फैसला किया. ये फैसला ज़ोमैटो ने खुद अपनी ऐप और सोशल मीडिया पर अनाउंस किया, जिससे लोगों को पहले से जानकारी मिल सके.

3. गुस्सा, सवाल और मीम्स का फ्लड:

नॉन-वेज प्रेमी ज़ोमैटो के इस फैसले से खुश नहीं थे. सोशल मीडिया पर #ZomatoBanNonVeg ट्रेंड करने लगा, जहां लोग नाराजगी ज़ाहिर कर रहे थे. कुछ लोगों ने सरकार के आदेश पर सवाल उठाए, तो कुछ ने इस फैसले को ज़ोमैटो का पब्लिसिटी स्टंट बताया. मीम्स की बाढ़ भी आ गई, जहां लोगों ने इस स्थिति को हल्के-फुल्के अंदाज में लेते हुए मज़ाक बनाए.

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4. सिर्फ एक दिन का मामला:

ज़ोमैटो ने स्पष्ट किया कि नॉन-वेज डिलीवरी रोकना सिर्फ 22 जनवरी को ही लागू था. 23 जनवरी से सबकुछ पहले की तरह सामान्य हो गया है. कंपनी ने ये भी बताया कि उन्होंने सरकार के आदेश का सम्मान करते हुए ये फैसला लिया था, हालांकि वो ग्राहक की पसंद की हमेशा इज्जत करते हैं.

5. Zomato suspends Non veg delivery सबक क्या है?

इस घटना से ये समझने की ज़रूरत है कि देश में धार्मिक, सांस्कृतिक और पॉलिटिकल माहौल का असर कभी-कभी हमारे रोज़मर्रा के कामों पर भी पड़ सकता है. हां, हमें अपनी पसंद का खाना खाने का हक़ है, लेकिन साथ ही ये भी ज़रूरी है कि हम दूसरों की भावनाओं और नियमों का सम्मान करें.

कुछ आखिरी बातें on Zomato suspends Non veg delivery:

  • यूपी सरकार का आदेश सिर्फ 22 जनवरी को लागू था, अब ज़ोमैटो नॉन-वेज डिलीवरी पहले की तरह कर रहा है.
  • इस घटना से धार्मिक और सांस्कृतिक संवेदनशीलता का मुद्दा उठा है, जिस पर सोचने की ज़रूरत है.
  • ज़ोमैटो ने ग्राहक की पसंद और सरकार के आदेश के बीच बैलेंस बनाने की कोशिश की.

तो अगली बार ऑनलाइन खाना मंगाने से पहले थोड़ी सी सावधानी रखें, ये देख लें कि ज़ोमैटो ऐप पर कोई स्पेशल डिलीवरी रोकने वाला नोटिफिकेशन तो नहीं है. मज़े से खाना मंगाएं और ज़िम्मेदार नागरिक बनें!

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